जीवंत संग्रह

वचनामृत

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वचनामृतभगवान कल्कि दिव्य रूप में अवतार नहीं लेंगे (अर्थात चार हाथों में शंख, दिव्य चक्र, कमल, गदा धारण किए हुए)

उनके चारों ओर क्या हो रहा है, जो मलिका के दिव्य शब्दों पर विश्वास नहीं करेगा, वह ईश्वर को प्राप्त करने में असफल होगा। उस तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग भक्ति, विश्वास, पूर्ण समर्पण और सभी भौति…

वचनामृतजगन्नाथपुरी की धरती से बार-बार संकेत मिलते रहेंगे।

महान संत श्री अच्युतानंद दास जी और श्री जगन्नाथ दास जी द्वारा लिखित भविष्य मलिका के कुछ सुनहरे शब्द - भविष्य मलिका के "श्री कृष्ण गरुड़ संवाद" में भगवान कहते हैं - "पवित्र भूमि से संकेत प्र…