सिरोही (राजस्थान) में श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य आयोजन
पूज्य पंडित डॉ. श्री काशीनाथ मिश्र जी के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।
कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालु श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान करते हुए भक्ति भाव में पूर्णतः सराबोर हो गए। पूरे वातावरण में भक्ति, आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कथा के दौरान पूज्य पंडित जी ने श्रद्धालुओं को भविष्य मालिका के महत्वपूर्ण प्रसंगों से भी अवगत कराया। उन्होंने कलियुग के अंतिम चरण से संबंधित विभिन्न प्रमाण एवं संदर्भ प्रस्तुत करते हुए सभी को धर्म, सत्य और सनातन संस्कृति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
📍 श्रीमद्भागवत कथा का यह दिव्य आयोजन सिरोही (राजस्थान) में 1 जुलाई तक जारी रहेगा।
यदि आप भी इस दिव्य कथा का लाभ लेना चाहते हैं, तो अवश्य पधारें और अपने जीवन को श्रीहरि की भक्ति से धन्य बनाएं।
जय श्री माधव। 🙏🚩
बदलती दुनिया के लिए भविष्य मालिका का ज्ञान।
भविष्य मालिका एक पवित्र भविष्यवाणी परंपरा है, जो साधकों को धर्म, भक्ति और कलियुग से सतयुग की यात्रा को समझने का मार्ग दिखाती है।
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स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान जगन्नाथ की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे। 🙏✨
YouTube पर पोस्ट देखें →राजस्थान के सिरोही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पूज्य पंडितजी के श्रीमुख से अमृतमयी कथा का रसपान कर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। कथा के शुभारंभ में पूज्य पंडितजी ने भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर समस्त भक्तों को भक्ति का संदेश दिया।
कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु श्रीकृष्ण-भक्ति के माधुर्य में ऐसे लीन हुए कि पूरा वातावरण हरिनाम संकीर्तन और भक्तिरस से सराबोर हो उठा। संध्या आरती के दिव्य क्षणों में भगवान ने अपने मनोहारी बाँसुरीधारी स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन देकर सभी का हृदय आनंद और श्रद्धा से भर दिया। प्रभु की इस दिव्य झांकी ने उपस्थित प्रत्येक भक्त को भाव-विभोर कर दिया तथा पूरा पंडाल "जय श्री माधव" और "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूँज उठा।
राजस्थान के सिरोही में 25 जून से 1 जुलाई तक आयोजित धर्म प्रचार हेतु श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ हो रहा हैं। इस पावन अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं एवं भक्तों द्वारा पूज्य पंडित जी का साफा पहनाकर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कथा के प्रथम दिवस से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा-रस रूपी अमृत का पान कर आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत हुए। संपूर्ण वातावरण भक्तिमय भजनों, जयघोष एवं भगवान की दिव्य लीलाओं से गुंजायमान रहा।
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान परम पूज्य पंडित काशीनाथ मिश्र जी ने सिरोही स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए, जहाँ मंदिर परिवार द्वारा उनका सम्मान किया गया✨
YouTube पर पोस्ट देखें →✨ श्रीमद्भागवत कथा, हैदराबाद – तृतीय दिवस
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✨ श्रीमद्भागवत कथा, हैदराबाद – द्वितीय दिवस ✨
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2032 में AI खत्म? कल्कि अवतार आ चुके हैं? | भविष्य मालिका का सबसे बड़ा दावा | ViralAlfaaz Podcast
https://youtu.be/MveEw0ptW4o
✨ श्रीमद्भागवत कथा, कानपुर – सप्तम दिवस✨ | Part - 3
https://www.youtube.com/live/IV_6-DxQbnY
धर्म, भक्ति और मानवता के भविष्य का जीवंत मार्गदर्शन।
यह पंचसखा संतों की शिक्षाओं, जगन्नाथ भक्ति, कथा ज्ञान और आध्यात्मिक परिवर्तन के संकेतों को साधकों के लिए एक साथ लाती है।
मिशन के बारे में पढ़ें


मनुष्य को परमात्मा बनाने वाली महान औषधि।
सुबह, दोपहर और शाम के तीन पवित्र जंक्शनों पर, सनातन परंपरा भगवान महाविष्णु की स्तुति और कृतज्ञता प्रदान करती है। भविष्य मलिका इस दैनिक अनुशासन को मानव कल्याण के लिए आवश्यक बताती हैं।
चार महान उपदेश
- मार्गदर्शन स्वीकार करें
- धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करें
- प्यार का चलन करो
- इंद्रियों पर संयम रखें
दैनिक समय
- सुबह · 3:35–6:30 AM
- दोपहर · 11:30 AM–1:00 PM
- शाम · 5:30–6:30 PM
भविष्य मलिका पुराण
पंचसखा संतों के ज्ञान, श्री जगन्नाथ की परंपरा और कलियुग से सत्ययुग की ओर आध्यात्मिक परिवर्तन का एक भक्तिपूर्ण परिचय।
यह पुस्तक धर्म, भक्ति, मलिका साहित्य में वर्णित संकेतों और आंतरिक तैयारी के मार्ग को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए पवित्र छंदों और उनके अर्थ को सुलभ रूप में लाती है।
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वचनामृतमाया के आवरण के कारण मनुष्य अज्ञानता के अंधकार में डूबा हुआ है।
महापुरुष श्री बलराम दास द्वारा लिखित मलिका की कुछ दुर्लभ पंक्तियाँ एवं तथ्य- शास्त्रों के अनुसार कलियुग के अंतिम चरण में वर्षा का कोई नियम नहीं है, नियमतः नियत समय पर अनाज, साग-सब्जियों की …
