{श्रीमद्भागवत माहात्म्य} [द्वितीय अध्याय] ऋषियों ने पूछा:- सूत जी! अब यह बतलाइये कि परीक्षित और वज्रनाभ को इस प्रकार आदेश देकर जब शाण्डिल्य मुनि अपने आश्रम को लौट गये, तब उन दोनों राजाओं ने…
[श्रीमद्भागवत माहात्म्य] {प्रथम अध्याय} महर्षि व्यास कहते हैं- जिनका स्वरूप है सच्चिदानन्दघन, जो अपने सौन्दर्य और माधुर्यादि गुणों से सबका मन अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं और सदा-सर्वदा अनन्त…
श्री मद्भागवत महापुराण का संक्षिप्त वर्णन नारद जी की प्रेरणा से वेद व्यास जी ने श्रीमद् भागवत (Shrimad Bhagwat) ग्रन्थ लिखा है। श्रीमद् भागवत में 335 अध्याय हैं। यह व्यास जी द्वारा 18 पुराण…