श्री मद्दभागवत में कलियुग और कल्कि अवतार के जन्म के बारे में क्या कहते हैं ?
श्री मद्दभागवत में कलियुग और कल्कि अवतार के जन्म के बारे- कलियुग धर्म के तहत श्री मद्द भागवत के 12वें स्कंध में, श्री शुकदेवजी परीक्षितजी से कहते हैं कि जैसे-जैसे परम कलियुग निकट आएगा, धर्म, सत्य, पवित्रता, क्षमा, दया, आयु, शक्ति और …
श्री मद्दभागवत में कलियुग और कल्कि अवतार के जन्म के बारे-
कलियुग धर्म के तहत श्री मद्द भागवत के 12वें स्कंध में, श्री शुकदेवजी परीक्षितजी से कहते हैं कि जैसे-जैसे परम कलियुग निकट आएगा, धर्म, सत्य, पवित्रता, क्षमा, दया, आयु, शक्ति और स्मृति-शक्ति धीरे-धीरे गायब हो जाएगी।
कलियुग के अंत में भयंकर युद्ध, भारी बारिश, तेज आंधी और भीषण गर्मी होगी। लोग कृषि कार्य आदि नहीं करेंगे। कई लुटेरे बढ़ेंगे और कपड़े और खाद्य सामग्री चुरा लेंगे। पीने का पानी चोरी हो जाएगा। घरेलू सामान के बैग और बक्सों की चोरी करेंगे। चोर अपनी तरह चोरों की संपत्ति की चोरी करना शुरू कर देंगे। हत्या और लूटपाट बढ़ेगी। लोगों का जीना दुश्वार हो जाएगा।
यह भी कहा जाता है कि कलियुग में एक समय आएगा जब सभी पुरुष अपना जीवन महिलाओं के नियंत्रण में व्यतीत करेंगे। पाप का दबदबा हर जगह होगा। मनुष्य सात्विक जीवन के बजाय तामसिक जीवन जीने में विश्वास करेगा। इसके बाद कलियुग के अंत में कल्कि अवतार के समय मनुष्य की औसत आयु केवल 20 या 30 वर्ष होगी। जिस समय कल्कि अवतार आएंगे, उस समय मनुष्य का कद बहुत कम हो गया होगा।
श्री मद भागवत महापुराण में भगवान कल्कि के अवतार का वर्णन एक श्लोक के माध्यम से किया गया है -
"सम्भल ग्राम प्रधान्स्य ब्राह्मणस्यामहत्मनाः भवनविष्णुयशः कल्कि प्रदुरभविष्यति।"



