विश्व सनातन धर्म

बदलती दुनिया के लिए भविष्य मालिका का ज्ञान।

भविष्य मालिका एक पवित्र भविष्यवाणी परंपरा है, जो साधकों को धर्म, भक्ति और कलियुग से सतयुग की यात्रा को समझने का मार्ग दिखाती है।

YouTube

नवीनतम सामुदायिक पोस्ट

सभी देखें →

केवल 2 दिन शेष... 🚩

जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले 1 लाख (100K) परिवार तक पहुँचने में हमारा साथ दें।
अभी Subscribe करें और सनातन धर्म के इस अभियान का हिस्सा बनें।
जय जगन्नाथ! ❤️🙏

YouTube पर पोस्ट देखें →

केवल 3 दिन शेष... 🚩
जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले 1 लाख (100K) परिवार तक पहुँचने में हमारा साथ दें।
अभी Subscribe करें और सनातन धर्म के इस अभियान का हिस्सा बनें।
जय जगन्नाथ! ❤️🙏

YouTube पर पोस्ट देखें →

🚩 रथ यात्रा से पहले 100K का संकल्प!
आपका एक Subscribe सनातन की इस यात्रा को और आगे बढ़ाएगा❤️
आइए, मिलकर Rath Yatra से पहले 100K परिवार पूरा करें !
Jai Jagannath🙏

https://youtube.com/@kalki_avatara

YouTube पर पोस्ट देखें →

स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान जगन्नाथ की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे। 🙏✨

YouTube पर पोस्ट देखें →

राजस्थान के सिरोही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पूज्य पंडितजी के श्रीमुख से अमृतमयी कथा का रसपान कर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। कथा के शुभारंभ में पूज्य पंडितजी ने भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर समस्त भक्तों को भक्ति का संदेश दिया।

कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु श्रीकृष्ण-भक्ति के माधुर्य में ऐसे लीन हुए कि पूरा वातावरण हरिनाम संकीर्तन और भक्तिरस से सराबोर हो उठा। संध्या आरती के दिव्य क्षणों में भगवान ने अपने मनोहारी बाँसुरीधारी स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन देकर सभी का हृदय आनंद और श्रद्धा से भर दिया। प्रभु की इस दिव्य झांकी ने उपस्थित प्रत्येक भक्त को भाव-विभोर कर दिया तथा पूरा पंडाल "जय श्री माधव" और "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूँज उठा।

YouTube पर पोस्ट देखें →

राजस्थान के सिरोही में 25 जून से आयोजित धर्म प्रचार हेतु श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ हो रहा हैं। इस पावन अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं एवं भक्तों द्वारा पूज्य पंडित जी का साफा पहनाकर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

कथा के प्रथम दिवस से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा-रस रूपी अमृत का पान कर आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत हुए। संपूर्ण वातावरण भक्तिमय भजनों, जयघोष एवं भगवान की दिव्य लीलाओं से गुंजायमान रहा।

YouTube पर पोस्ट देखें →

श्रीमद्भागवत कथा के दौरान परम पूज्य पंडित काशीनाथ मिश्र जी ने सिरोही स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए, जहाँ मंदिर परिवार द्वारा उनका सम्मान किया गया✨

YouTube पर पोस्ट देखें →
भविष्य मालिका के बारे में

धर्म, भक्ति और मानवता के भविष्य का जीवंत मार्गदर्शन।

यह पंचसखा संतों की शिक्षाओं, जगन्नाथ भक्ति, कथा ज्ञान और आध्यात्मिक परिवर्तन के संकेतों को साधकों के लिए एक साथ लाती है।

मिशन के बारे में पढ़ें
पंचसखा साधु
भविष्य मलिका पुस्तक
जगन्नाथ मंदिर
त्रिसंध्या · त्रिकाल संध्या

मनुष्य को परमात्मा बनाने वाली महान औषधि।

अधिक जानते हैं →

सुबह, दोपहर और शाम के तीन पवित्र जंक्शनों पर, सनातन परंपरा भगवान महाविष्णु की स्तुति और कृतज्ञता प्रदान करती है। भविष्य मलिका इस दैनिक अनुशासन को मानव कल्याण के लिए आवश्यक बताती हैं।

प्रतिदिन तीन बार त्रिसंध्या प्रार्थना करेंप्रतिदिन एक भागवत अध्यायनिरंतर "माधव" नाम जप

चार महान उपदेश

  1. मार्गदर्शन स्वीकार करें
  2. धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करें
  3. प्यार का चलन करो
  4. इंद्रियों पर संयम रखें

दैनिक समय

  • सुबह · 3:35–6:30 AM
  • दोपहर · 11:30 AM–1:00 PM
  • शाम · 5:30–6:30 PM
पुस्तक

भविष्य मलिका पुराण

पंचसखा संतों के ज्ञान, श्री जगन्नाथ की परंपरा और कलियुग से सत्ययुग की ओर आध्यात्मिक परिवर्तन का एक भक्तिपूर्ण परिचय।

यह पुस्तक धर्म, भक्ति, मलिका साहित्य में वर्णित संकेतों और आंतरिक तैयारी के मार्ग को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए पवित्र छंदों और उनके अर्थ को सुलभ रूप में लाती है।

पंचसखा ज्ञान जगन्नाथ भक्ति धर्म और परिवर्तन
नवीनतम लेख

आगे पढ़ें

सभी देखें →
भविष्य मालिकाकलयुग मालिका के अनुसार कल्कि भगवान ओडिशा के जाजनग्र बिरजा क्षेत्र पर अवतरित हो चुके है

इस वीडियो में पंडित श्री काशीनाथ जी ने कलयुग मालिका में वर्णित कल्कि भगवान के अवतरण स्थल जाजनग्र - बिराजा क्षेत्र का वर्णन किया है,महापुरुष अच्युतानंद जी ने कलयुग मालिका में वर्णन किया है,क…

भविष्य मालिकाभविष्य मालिका और भक्ति के माध्यम से भक्त लोग कल्कि भगवान की शरण में आयेंगे

इस वीडियो में पंडित श्री काशीनाथ जी ने भविष्य मालिका में वर्णित कल्कि भगवान के अवतरण का वर्णन किया है,कुछ लोग इस अवधारणा में रहते हैं की कल्कि भगवान कब प्रगट होंगे ? भगवान कभी भी आकर यह नही…

वचनामृतमाया के आवरण के कारण मनुष्य अज्ञानता के अंधकार में डूबा हुआ है।

महापुरुष श्री बलराम दास द्वारा लिखित मलिका की कुछ दुर्लभ पंक्तियाँ एवं तथ्य- शास्त्रों के अनुसार कलियुग के अंतिम चरण में वर्षा का कोई नियम नहीं है, नियमतः नियत समय पर अनाज, साग-सब्जियों की …